“साहू समाज का गौरव ( "एक समाज, एक संगठन, एक लक्ष्य – सशक्त साहू समाज!")”

📅 July 31,2000 📍 Bhopal 🌍 Madhya Pradesh
👤 President Name: Santosh Sahu 📞 9893679155 💬 9865741230

परिचय:

"साहू समाज, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में तैलिक, वैश्य तैलिक, तेली, साहू, साहूवंशी आदि नामों से जाना जाता है, भारत का एक परिश्रमी, व्यापारिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समुदाय है। यह समाज ऐतिहासिक रूप से तेल व्यवसाय, व्यापार, कृषि सहायक कार्यों और समाज सेवा से जुड़ा रहा है। साहू समाज का गौरव न केवल उसके व्यवसायिक कौशल में है, बल्कि उसकी संस्कृति, संघर्ष, सामाजिक एकता और देशभक्ति में भी समाहित है"

इतिहास और परंपरा का गौरव:

साहू समाज का इतिहास कई सौ वर्षों पुराना है। इस समाज ने सदियों से भारतीय ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। जब भारत व्यापार के नए मार्गों पर आगे बढ़ रहा था, साहू समाज ने ग्रामीण इलाकों में दैनिक आवश्यकताओं की आपूर्ति कर एक मजबूत व्यवसायिक आधार तैयार किया।

माँ कर्मा देवी, जिन्हें साहू समाज की आराध्य देवी के रूप में पूजा जाता है, समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतीक हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर साहू समाज ने हमेशा धार्मिक आस्था और नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया है।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान:

साहू समाज ने भारत की आज़ादी में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। झलकारी बाई, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की प्रमुख महिला सेनानी थीं और साहू समाज से संबंध रखती थीं। उन्होंने 1857 की क्रांति में बहादुरी से अंग्रेजों का सामना किया और बलिदान दिया।

इसी तरह शहीद उधम सिंह, जिन्होंने जलियाँवाला बाग के नरसंहार का बदला लेने के लिए अंग्रेज अफसर जनरल डायर को लंदन में जाकर गोली मारी, साहू समाज के गौरव हैं। उनका साहस और देशभक्ति आज भी युवाओं को प्रेरित करती है।


आधुनिक युग में साहू समाज का योगदान:

आधुनिक भारत में साहू समाज ने व्यापार, शिक्षा, राजनीति, चिकित्सा, पत्रकारिता, सूचना प्रौद्योगिकी और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। देश के विभिन्न राज्यों में साहू समाज के सफल उद्योगपति, डॉक्टर, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी समाज का मान बढ़ा रहे हैं।

साहू समाज के कई प्रतिष्ठित संगठन और संस्थाएँ आज सामाजिक एकता, शिक्षा प्रसार और सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। वे समाज के युवा वर्ग को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।


सामाजिक एकता और पहचान का प्रतीक:

साहू समाज आज भी अपनी संस्कृति, परंपरा और एकजुटता के लिए जाना जाता है। देशभर में साहू समाज के मेले, सम्मेलन, विवाह मिलन समारोह, धार्मिक यात्राएँ और सामूहिक आयोजनों के माध्यम से समाज अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है।


निष्कर्ष:

साहू समाज का गौरव उसकी मेहनत, ईमानदारी, देशभक्ति और सामाजिक चेतना में निहित है। यह समाज न केवल अपने अतीत से प्रेरणा लेता है, बल्कि भविष्य को लेकर भी जागरूक है। एकता, शिक्षा, स्वावलंबन और सांस्कृतिक गौरव ही साहू समाज की असली पहचान हैं।

“एक समाज, एक संगठन, एक लक्ष्य – सशक्त साहू समाज!”